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सड़कों के किनारे बनेंगे वाटर रिचार्जिंग प्लान
October 1, 2019 • राहुल यादव
लखनऊ। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लोक निर्माण विभाग के सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि वह निर्माण कार्यों को पूरी पारदर्शिता व गुणवत्तापूर्ण ढ़ग से निर्धारित समय सीमा के अन्दर पूरा करायें। उन्होने अभियन्ताओं को उनके कर्तव्यों व दायित्वों का बोध कराते हुए कहा कि वह पूरी निष्ठा, लगन व इमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होने कहा अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जायेगा लेकिन लापरवाही या हीलाहवाली करने वाले किसी भी अधिकारी व कर्मचारी को किसी भी दशा में माफ नहीं किया जायेगा। मौर्य आज यहाॅ विश्वेश्वरैया हाॅल में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
प्रदेश भर से आये अधिशासी अभियन्ताओं, अधीक्षण अभियन्ताओं व मुख्य अभियन्ताओं को उन्होने निर्देश दिये कि अच्छा कार्य करके वह अपनी व सरकार की छवि बनाएं। उन्होने कहा कि जिन जिलों में बजट समय से खर्च नहीं किया जायेगा उनकी जवाबदेही तय होगी। मौर्य ने निर्देश दिये कि कार्यों का विज्ञापन पूरी तरह से सोच समझकर जारी किये जांय, बार-बार शुद्धि पत्र नहीं जारी होने चाहिए।
उन्होने जोर देते हुए कहा कि जिनका भी भुगतान लम्बित हो उनका भुगतान नियमानुसार समय से किया जाय। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि किसी परियोजना के लिये फण्ड की जरूरत हो तो उपयोगिता प्रमाण-पत्र भेजते हुए डिमाण्ड की जाय। सरकार की छवि किसी भी दशा में खराब नहीं होनी चाहिए। उन्होने कहा कि प्रस्तावों के मामलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों से यथावश्यक संवाद कर लिया जाय। अभियन्ताओं द्वारा कई प्रकरण/समस्याएं संज्ञान में लाये जाने पर उन्होने कहा कि वह आज/कल तक सारे अभिलेख मंगाकर मुख्यालय में रूक कर समस्या निस्तारित करा कर ही जांय।
बैठक में वी0आई0पी0 कार्यक्रमों में लोक निर्माण विभाग द्वारा कराये जाने वाले कार्यों के बारे में विस्तार से चर्चा हुयी और मौर्य ने निर्देश दिये गये कि ऐसे कार्यक्रमों के जहाॅ भी भुगतान लम्बित है उसका पूरा विवरण तत्काल उपलब्ध कराया जाय। इस सम्बन्ध में आ रही कतिपय समस्याओं के सम्बन्ध में उपमुख्यमंत्री ने उच्च स्तर पर पत्राचार करने के निर्देश विभाग के उच्चाधिकारियों को दिये। उन्होने साथ ही ब्लाक व तहसील मुख्यालयों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के कार्य में गति लाने के निर्देश भी दिये।
उन्होने कहा कि पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन के उद्देश्य से हर खण्ड में हर्बल रोड बनाने पर जोर किया जाय, अर्थात सड़कों के किनारे हर्बल पौधे लगाये जाॅय। यह भी देखा जाय कि गत वर्ष जो हर्बल रोड बनी थी उसमें पौधे सुरक्षित हैं अथवा नहीं। पौधों की सुरक्षा के व्यापक प्रबन्ध किये जांय। उन्होने निर्देश दिये की महत्वपूर्ण मार्गों के दोनों ओर रोड सेफ्टी व लोगों की सुविधा के दृष्टिकोण से बेन्च, छाया व धार्मिक स्थल के पास पीने के पानी की व्यवस्था किया जाना सुनिश्चित किया जाय। 
 मौर्य ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवनों को सुदृढ़ किया जाय। विभाग के मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी आदि देने के प्रकरण 01 माह के अन्दर निस्तारित किये जाॅय। जो मामले शासन स्तर के हों उन्हे शासन को सन्दर्भित किया जाय। उन्होने इस अवसर पर यह भी निर्देश दिये कि बड़ी सड़कों के किनारे वाटर रिचार्जिंग के लिए प्लान तैयार किया जाय।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ठेकेदारों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान उनके साथ बैठक करके किया जाय। उन्होने कहा कि कतिपय सड़कें लोक निर्माण विभाग की हैं जिनके बारे में जानकारी नहीं है कि वह विभाग की हैं, उन सभी पर लोक निर्माण विभाग का नाम दर्ज कराया जाय। मौर्य ने कहा कि विभाग के मैन पावर व मशीनरी का भरपूर उपयोग किया जाय।
 उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश के अभियन्ताओं की हर छः महीने में बैठक बुलायी जायेगी तथा अच्छा व विशिष्ट कार्य करने वाले अभियन्ताओं को इन बैठकों में सम्मानित किया जायेगा।
प्रमुख सचिव लो0नि0वि0 नितिन रमेश गोकर्ण, सचिव रंजन कुमार, सचिव लो0नि0वि0 समीर वर्मा ने भी महत्वपूर्ण विचार व सुझाव रखे तथा अभियन्ताओं द्वारा रखी गयी कतिपय समस्याओं का समाधान भी किया। इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी प्रदीप कुमार, प्रमुख अभियन्ता (ग्रामीण सड़क) आर0सी0 बर्नवाल, मुख्य अभियन्ता  संजय गोयल, मुख्य अभियन्ता एस0के0 श्रीवास्तव सहित प्रदेश भर के अन्य मुख्य अभियन्ता, अधीक्षण अभियन्ता, अधिशासी अभियन्ता सहित अन्य अभियन्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।