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70 साल पुराने दर्द से मिली मुक्तिः विश्वास सारंग
August 6, 2019 • राहुल यादव

                भोपाल। जम्मू-कश्मीर के लोगों में भेदभाव की प्रतीक 370 और 35ए को हटाकर  नरेंद्र मोदी की सरकार ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस उपलब्धि ने हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा किया है और एक 70 साल पुराने दर्द से मुक्ति दी है। मैं प्रदेश भाजपा की ओर से नरेंद्र मोदी, अमित शाह और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने देश की एकता और अखंडता को चिरस्थायी रखने के उद्देश्य से अनुच्छेद 370 को दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए समाप्त किया, जिसके चलते कश्मीर को लेकर हमेशा संशय की स्थिति बनी रहती थी। इस अनुच्छेद के चलते 44 हजार मौतें हुईं और हजारों सैनिकों को अपनी शहादत देनी पड़ी। पूर्व मंत्री व विधायक विश्वास सारंग ने मंगलवार को मीडिया से चर्चा के दौरान कही। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर एवं जिलाध्यक्ष विकास विरानी विशेष रूप से उपस्थित थे। 

                 विश्वास सारंग ने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35ए को समाप्त करके  नरेंद्र मोदी की सरकार ने उन नेताओं को सही जवाब दिया है, जो इनके हटने पर तरह-तरह की धमकियां दे रहे थे।  सारंग ने देश और प्रदेश की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जैसे ही इन अनुच्छेदों को हटाने के लिए अमित शाह ने राज्यसभा में संकल्प पढ़ा, पूरे देश में एक सकारात्मक और दीपावली जैसा माहौल बन गया। इससे स्पष्ट है कि देश की जनता भी यही चाहती थी।

बिना नीति के चल रही कांग्रेस

                 सारंग ने कहा कि मंगलवार को लोकसभा ने इस संकल्प को भारी बहुमत से पारित कर दिया। वहीं, राज्यसभा में इस मुद्दे पर कांग्रेस के रवैये को लेकर पार्टी के चीफ व्हिप ने इस्तीफा दे दिया। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस की लाइन, लैंग्थ और लीडर में गड़बड़ी है। कांग्रेस बिना किसी नीति के चल रही है। मंगलवार को लोकसभा में भी इस मुद्दे पर कांग्रेस का कोई स्पष्ट रुख दिखाई नहीं दिया।

महिलाओंविस्थापितोंदलितों को मिला न्याय

                 सारंग ने कहा कि अनुच्छेद 370 के हटने से उन लाखों विस्थापित कश्मीरी पंडितों को न्याय मिला है, जो अपना घर-द्वार छोड़कर दर-दर भटकने पर मजबूर हुए। उन महिलाओं को न्याय मिला है, जिनका जन्म कश्मीर में हुआ था, लेकिन अन्य राज्य के व्यक्ति से शादी करने के कारण उन्हें उनके अधिकारों से वंचित कर दिया गया। उन दलितों को न्याय मिला है, जो आजादी के 70 साल बाद भी कश्मीर में सिर पर मैला ढोने के लिए मजबूर थे।

जम्मू-कश्मीर में लागू होंगे देश के कानून

                सारंग ने कहा कि दोनों अनुच्छेदों के चलते देश के कई कानून जम्मू-कश्मीर में लागू नहीं हो पाते थे। इसके चलते इन कानूनों या योजनाओं का लाभ यहां के निवासियों को नहीं मिल पाता था। शिक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार, मनी लांड्रिंग विरोधी कानून, कालाधन विरोधी कानून, भ्रष्टाचार विरोधी कानून, न्यूनतम वेतन का कानून आदि ऐसे ही कानून थे, जिनका लाभ कश्मीर की जनता को नहीं मिल पाता था। लेकिन अब 1956 के बाद बने देश के सभी कानून जम्मू-कश्मीर में लागू होंगे। अनुसूचित जाति, जनजाति और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों, छात्र-छात्राओं को आरक्षण का लाभ भी मिलेगा, जो उन्हें अब तक नहीं मिल पा रहा था।

डॉ. मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि

                 सारंग ने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35ए के हटने पर हम सब प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऐसे पहले नेता थे, जो देश की एकता और अखंडता के लिए कश्मीर में ही शहीद हुए थे। उन्होंने हमेशा 'एक देश-दो विधान, दो प्रधान, दो निशान' का विरोध किया। उनकी शहादत के बाद 'जहां हुए बलिदान मुखर्जी, वो कश्मीर हमारा है' के नारे को बल मिला। सारंग ने कहा कि नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह ने 370 को हटाकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि दी है और इसके लिए मैं उनका अभिनंदन करता हूं।