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हर क्षेत्र, हर वर्ग की बेहतरी और विकास को रफ्तार देने वाला बजटः राकेश सिंह
February 1, 2020 • राहुल यादव
  • मोदी सरकार ने प्रस्तुत किया ऐतिहासिक और मिशनरी बजट

                भोपाल। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2020-21 के लिये प्रस्तुत किया गया बजट ऐतिहासिक और मिशनरी बजट है। यह बता रहा है कि दुनिया की एक आर्थिक महाशक्ति बनने की देश में भारत ने तेजी और मजबूती के साथ अपने कदम बढ़ा दिये हैं। नरेन्द्र मोदी के निर्देशन और मार्गदर्शन में तैयार किया गया यह बजट जीवन के हर क्षेत्र और समाज के हर वर्ग को बेहतरी देने वाला बजट है, जिससे देश के विकास को गति मिलेगी, लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा। अधोसंरचना और उद्योगों के लिए सरकार ने जो प्रावधान किए है उनसे स्पष्ट है कि यह बजट देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कही। 

जीएसटी पर गलत साबित हुए विपक्ष की दावे

                प्रदेश अध्यक्ष  राकेश सिंह ने कहा कि वित्त मंत्री  निर्मला सीतारमण द्वारा दिये गए बजट भाषण से यह साबित हो गया है कि जीएसटी को लेकर विपक्ष जो दावे करता रहा है, जो भ्रांतियां फैलाता रहा है, वे सब झूठे थे। उन्होंने कहा कि जीएसटी को लेकर अब केंद्र और राज्यों में कोई टकराव नहीं है और इसी साल जीएसटी का नया वर्जन आने वाला है। बीते दो सालों में जीएसटी से 60 लाख नए करदाता जुड़े हैं और 40 करोड़ रिटर्न फाइल हुए हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि जीएसटी से आम आदमी पर लगने वाले टैक्स में कमी आई है और हर घर में पहले के मुकाबले 4 प्रतिशत अधिक बचत होने लगी है।

अर्थव्यवस्था में हो रहा सुधार

                 सिंह ने कहा कि बजट के आंकड़ों से साबित होता है देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिये मोदी सरकार ने जो कदम उठाए थे, वे अब फलीभूत होने लगे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सबका साथ, सबका विकास के जरिए लोगों तक सीधा और पूरा फायदा पहुंचाने की कोशिश की, जिसके सुखद परिणाम मिले हैं। पहले जो फायदा कुछ ही लोगों तक पहुंचता था, अब वह ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच रहा है। इसी के चलते भारत ने 27.1 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है।  सिंह ने कहा कि 2020-21 में राजकोषीय घाटा 3.5 प्रतिशत रहेगा। उन्होंने कहा कि बैंकों का एनपीए घटा है और सरकार महंगाई पर नियंत्रण में सफल रही है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से देश में 284 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया है और भारत विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। अर्थव्यवस्था में सुधार का एक और संकेत यह है कि सरकार का कर्ज जो पहले 52 प्रतिशत था अब घटकर 48.7 प्रतिशत रह गया है।

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जल्द हासिल होगा किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य

                 सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने वर्ष 2022 तक देश के किसानों की आय दोगुनी करने का जो लक्ष्य रखा है, उसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस बजट में भी प्रावधान किए हैं। इसके लिये सरकार ने 16 एक्शन पाइंट तैयार किये हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से 6.11 करोड़ किसान बीमा योजना से जुड़े हैं। किसानों की क्षमता बढ़ाने के लिये 20 लाख किसानों को सोलर पंप दिये जाएंगे और बंजर जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर किसानों की आय बढ़ाई जाएगी। सरकार रासायनिक खाद पर निर्भरता घटाने के लिये जैविक खाद के उत्पादन पर जोर दे रही है। किसानों की उपज को देश-विदेश तक भेजने के लिये किसान उड़ान योजना और किसान रेल के लिये प्रावधान किये गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार जैविक खेती के जरिए ऑनलाइन मार्केट को बढ़ायेगी  साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड योजना को 2021 तक के लिए बढ़ाने से किसानों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने दूध का उत्पादन दोगुना करने के लिए योजना शुरू करने की बात कही है साथ ही महिला किसानों के लिए धन्य लक्ष्मी योजना का ऐलान किया है, इससे बीज से जुड़ी योजनाओं में महिलाओं को शामिल किया जा सकेगा।

अधोसंरचना में सुधार से विकास को मिलेगी रफ्तार

                 सिंह ने कहा कि देश के तेज आर्थिक विकास के लिये मोदी सरकार का फोकस अधोसंरचना के विकास पर है। जल्द ही राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति जारी की जाएगी और पीपीपी मॉडल के तहत देश के पांच शहरों को विकसित किया जाएगा। राजमार्गों के विकास में तेजी लाई जाएगी और 6000 किमी लंबे 12 हाईवेज के विकास पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए 6,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। देशभर में डेटा सेंटर पार्क बनाए जाएंगे। भारत नेट के जरिए इसी साल एक लाख ग्राम पंचायतों को डिजिटल कनेक्टिविटी मिलेगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 2500 करोड़ रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव किया गया है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड ट्रेन के काम में तेजी लाई जाएगी। विद्युत और नवीकरणीय क्षेत्र को 22 हजार करोड़ देने का प्रस्ताव है। उड़ान योजना को बढ़ावा देने के लिए बनेंगे 100 नए एयरपोर्ट बनेंगे। उन्होंने कहा कि 2020-21 में परिवहन अवसरंचना के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपये देने तथा राष्ट्रीय गैस ग्रीड को बढ़ाकर 27 हजार किलोमीटर तक करने का प्रस्ताव है। हर जिले में एक्सपोर्ट हब बनने से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। 27 हजार किलोमीटर रेलवे ट्रैक के इलेक्ट्रिफिकेशन से रेल परिवहन में सुधार होगा।

नई ऊंचाई पर पहुंचेगा उद्योग-व्यापार

                 सिंह ने कहा कि बजट में भारत को तकनीकी वस्त्रों के उत्पादन में अग्रणी बनाने के लिए राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन का प्रस्ताव किया गया है, जिस पर 1480 करोड़ रुपये खर्च होंगे।  मोबाइल फोन, इलेकिट्रॉनिक उपकरण, सेमी कंडक्टर की पैकेजिंग के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए योजना का प्रस्ताव है। इससे भारत में मेडिकल उपकरणों के उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा।  उद्योग और वाणिज्य के उत्पाद के विकास और संवर्धन के लिए 27,300 करोड़ का प्रस्ताव किया गया है। निर्यातकों को डिजिटल रिफंड की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस सेल बनेगी, जिसमें निवेश से जुड़ी सलाह और लैंड बैंक के बारे में जानकारी मिलेगी। इकोनॉमिक कॉरिडोर, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार के इन कदमों से उद्योग और व्यापार नई ऊंचाईयों पर पहुंचेगा।

युवाओं को मिलेंगे भरपूर अवसर

                 राकेश सिंह ने कहा कि सरकार ने शिक्षा क्षेत्र के लिए 99300 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जो शैक्षणिक विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को बताता है। सरकार ने नेशनल स्किल डेवलपमेंट एजेंसी की घोषणा की है, जो इन्फ्रास्ट्रक्चर आधारित स्किल को बढ़ावा देगी। इसके तहत यंग इंजीनियर, मैनेजमेंट ग्रेजुएट्स और इकोनॉमिस्ट को अवसर मिलेंगे। सरकार ने नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी लाने की बात कही है, जिससे बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर देने के काम में युवा अपना योगदान दे सकेंगे। हाशिए पर मौजूद तबके के बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए ऑनलाइन एजुकेशन को बढ़ावा दिया जाएगा। स्टडी इन इंडिया प्रोग्राम को एशियाई और अफ्रीकी देशों में बढ़ावा दिया जाएगा।  सिंह ने कहा कि सरकार ने एक नया केंद्र बनाने की बात कही है,  जो इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी के क्षेत्र में काम करेगा। इसके अलावा नॉलेज ट्रांसलेशन क्लस्टर बनाया जाएगा।  सिंह ने कहा कि वर्ष 2030 में रोजगार की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सरकार जल्द ही नई शिक्षा नीति घोषित करेगी। प्रतिभाशाली शिक्षकों को बढ़ावा दिया जाएगा। देश में 150 संस्थान डिग्री-डिप्लोमा कोर्स शुरू करेंगे। इसके अलावा सरकार एक प्रोग्राम शुरू करेगी, जिसमें शहरी निकाय नए इंजीनियरों को एक साल के लिए इंटर्नशिप देंगे ताकि इंटर्न भी सीख सकें और शहरी निकायों को भी मदद मिले। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी की स्थापना से सरकारी क्षेत्र में होने वाली भर्तियों में पारदर्शिता आएगी।

स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगा विस्तार

                 सिंह ने कहा कि देश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार ने कई प्रावधान किए हैं। देश में अभी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 20 हजार अस्पताल हैं। अस्पतालों की जरूरतों को देखते हुए पीपीपी मोड से अस्पताल बनाने का प्रावधान किया गया है। देश के 112 जिलों में आयुष्मान भारत को तरजीह देने की घोषणा की गई है, जिससे बड़ी तादाद में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने हेल्थकेयर सेक्टर के लिये 69000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सरकार ने स्वास्थ्य उपकरणों पर कर से होने वाली आय का इस्तेमाल चिह्नित जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने पर किया जाएगा। टीबी हारेगा, देश जीतेगा अभियान को मजबूती देकर देश से 2025 तक टीबी खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिये 2024 तक देश के हर जिले में जन औषधि केंद्र शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। स्वच्छ भारत मिशन के लिए 12,300 करोड़ रुपए रखे गए हैं। साथ ही जल जीवन मिशन के लिए 3.6 लाख करोड़ रुपए रखे गए हैं, जिससे लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा। इसके अलावा सरकार ने हर जिला अस्पताल के साथ मेडिकल कॉलेज खोले जाने की बात कही है, जिससे निचले स्तर तक अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। 

हर वर्ग को मिलेगी बेहतरी

                 सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने अपने बजट में समाज के हर वर्ग को बेहतरी देने का प्रयास किया है। मध्यम वर्ग को राहत देते हुए आयकर की दरों में छूट दी गयी है और इसे सरल बनाया गया है। 80सी के तहत डिडक्शन की डेढ़ लाख रुपए की तक की लिमिट को बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स के नियमों को भी सरकल बनाने के संकेत दिये गए हैं। सरकार ने ओबीसी और एससी के विकास के लिए 85,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। सरकार ने यह सुनिश्चित करने की बात कही है कि सीवर सिस्टम की सफाई का काम मैन्युअली न हो। सरकार ने पिछड़े वर्ग और अनुसूचित जाति के विकास के लिए 85,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जिसमें से 53,700 करोड़ रुपए अनुसूचित जनजाति के विकास पर खर्च होंगे। सरकार ने महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए 28,600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। 10 करोड़ से अधिक घरों की महिलाओं से संपर्क के लिये ’6 लाख से ज्यादा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन दिए गए हैं। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए सरकार ने 9,500 करोड़ का प्रस्ताव किया है, जिनसे विभिन्न सुविधाएं जुटाई जाएंगी।