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कानपुर नगर में कोविड-19 हेतु 300 आई0सी0यू0 बेड की स्थापना होगी
September 27, 2020 • राहुल यादव • लखनऊ

  • जनपद गौतमबुद्धनगर मंे कोविड पाॅजिटिविटी दर पर प्रभावी नियंत्रण

 

 

  • जनपद आगरा में भी टीम वर्क को अच्छी सफलता मिली

 

  • नोडल अधिकारियों को कोविड के सम्बन्ध में प्रतिदिन की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश

 

 

  • जनपद लखनऊ में कोविड पाॅजिटिविटी दर को 1 प्रतिशत से नीचे लाया जाए

 

  • जनपद प्रयागराज में कोविड डेडीकेटेड बेड की संख्या में वृद्धि की जाए

 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कोविड-19 के सम्बन्ध में वीडियो काॅन्फ्रंेसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, नोडल अधिकारियों सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ संवाद किया। मुख्यमंत्री ने इस बात पर सन्तोष व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दर को नियंत्रित करने में सफलता मिली है। विगत कुछ दिनों में प्रदेश में कोरोना केसेज की संख्या में कमी आयी है। उन्होंने कहा कि आगामी त्योहारों के दृष्टिगत कोविड-19 के सम्बन्ध में पूरी सतर्कता और बचाव अपनाते हुए कार्य किए जाएं। 

 मुख्यमंत्री ने नोडल अधिकारियों से संवाद किया और सम्बन्धित जनपदों के विषय में कोविड-19 के सम्बन्ध में फीडबैक प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि विगत शुक्रवार (25 सितम्बर, 2020) को उन 16 जनपदों में, जहां पिछले एक सप्ताह से 100 या उससे अधिक कोविड-19 के मामले आ रहे थे, नोडल अधिकारियों सहित 04 सदस्यीय टीम तैनात की गई थी। इन 16 जनपदों में से कुछ जनपदों ने सुधार किया है। जनपद गौतमबुद्धनगर मंे कोविड पाॅजिटिविटी दर पर प्रभावी नियंत्रण किया गया है। जनपद आगरा में भी टीम वर्क को अच्छी सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि जो नोडल अधिकारी भेजे गए हैं, उन्हें कोविड-19 संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रणनीति बनाए जाने के निर्देश दिए गए थे। इनके अलावा, प्रत्येक जनपद में नोडल अधिकारी पहले से नियुक्त हैं। उन्होंने नोडल अधिकारियों को कोविड के सम्बन्ध में प्रतिदिन की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

 मुख्यमंत्री ने रिकवरी दर को बढ़ाने के लिए प्रभावी कार्यवाही के निर्देश देते हुए कहा कि कोविड मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जाए। कोविड का खतरा लगातार बना हुआ है। पूरी सतर्कता व बचाव के उपायों को अपनाते हुए कार्य संचालित किए जाएं। उन्होंने कहा कि बेहतर सर्विलांस से जीवन रक्षा और कोविड संक्रमण पर नियंत्रण किया जा सकता है। अलग-अलग टीम बनाकर अलग-अलग कार्यों का उत्तरदायित्व सौंपा जाए। टीम वर्क के साथ प्रभावी कार्यवाही की जाए। नोडल अधिकारी ठोस रणनीति के तहत कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि निगरानी समितियों को कार्यशील रखा जाए। कोविड हेल्प डेस्क सभी अस्पतालों, औद्योगिक इकाइयों, सरकारी कार्यालयों में निरन्तर कार्यशील रहें। 

 मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद में इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर प्रभावी ढंग से संचालित किए जाएं। होम आइसोलेशन के मरीजों के साथ निरन्तर संवाद रखा जाए। रैपिड रिस्पाॅन्स टीम को प्रभावी ढंग से कार्यशील रखते हुए कार्य किया जाए। जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्साधिकारी प्रतिदिन प्रातः किसी कोविड अस्पताल में तथा सायं इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर में कोविड-19 के सम्बन्ध में समीक्षा करें। उन्होंने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग को वर्चुअल आई0सी0यू0 की सुविधा हर जनपद में एल-2 व एल-3 अस्पताल में उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। 

 मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के सम्बन्ध में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए महत्वपूर्ण स्थानों व चैराहों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माइक्रो कण्टेनमेण्ट जोन बनाए जाएं। इस जोन में पी0आर0डी0, एन0सी0सी0 तथा स्वयंसेवी संस्थाएं कार्य करें। उन्होंने काॅन्टैक्ट टेªसिंग पर प्रभावी जोर देते हुए कहा कि एक कोविड संक्रमित मरीज पाए जाने पर कम से कम 12 से 15 लोगों की काॅन्टैक्ट टेªसिंग की जाए। इस काॅन्टैक्ट टेªसिंग को 24 से 48 घण्टों में सम्पन्न कर लिया जाए। होम आइसोलेशन को प्रभावी ढंग से कोविड-19 प्रोटोकाॅल के अनुसार कराया जाए। 

 मुख्यमंत्री ने कहा कि पाॅजिटिविटी रेट को हर हाल में 05 प्रतिशत से कम करने के प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। सी0एफ0आर0 को 01 प्रतिशत से कम किए जाने की कार्यवाही की जाए। जिन जनपदों में सी0एफ0आर0 01 प्रतिशत से ज्यादा है, उनमें काॅन्टैक्ट टेªसिंग तथा सर्विलांस को और बेहतर किया जाए। अस्पतालों में आवश्यक दवाएं व उपकरण उपलब्ध रहें। आॅक्सीजन का अभाव न हो। कालाबाजारी और मुनाफाखोरी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो। चिकित्सक अस्पतालों में राउण्ड लें। एल-2 व एल-3 अस्पतालों में बेडों की संख्या में वृद्धि की जाए। 

 मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद लखनऊ में कोविड पाॅजिटिविटी दर को 1 प्रतिशत से नीचे लाया जाए। फोकस्ड टेस्टिंग की जाए। आर0टी0पी0सी0आर0 एवं एण्टीजेन टेस्ट का अनुपात 1ः3 किया जाए। बेहतर सर्विलांस से कोविड पर प्रभावी नियंत्रण होगा। उन्होंने नोडल अधिकारी को मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ समन्वय करते हुए कोविड-19 पर प्रभावी नियंत्रण किए जाने के निर्देश दिए। 

 जनपद प्रयागराज के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने कहा कि पाॅजिटिविटी दर को कम किया जाए। सर्विलांस को और बेहतर बनाया जाए। कोविड डेडीकेटेड बेड की संख्या में वृद्धि हो। समय पर मरीजों को अस्पताल पहुंचाया जाए। रिकवरी दर बढ़ाने के लिए प्रभावी ढंग से कार्यवाही की जाए। जनपद वाराणसी के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पाॅजिटिविटी दर को 4 प्रतिशत और मृत्यु दर को 1 प्रतिशत से कम करने के लिए सम्मिलित रूप से प्रयास किए जाएं। काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग पर फोकस किया जाए। जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्साधिकारी बेहतर परिणाम देने के लिए प्रभावी कार्यवाही करें। जनपद मेरठ के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री जी ने काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग को बढ़ाए जाने, पाॅजिटिविटी दर तथा सी0एफ0आर0 को कम करने तथा जनपद गौतमबुद्धनगर की भांति कोविड नियंत्रण के उपाय लागू किए जाने के निर्देश दिए।

 मुख्यमंत्री ने कानपुर नगर में अगले 15 दिनों में कोविड-19 हेतु आई0सी0यू0 के 300 बेड स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद झांसी में काॅन्टैक्ट टेªसिंग बढ़ाने और सामाजिक व स्वयंसेवी संस्थाओं से सम्पर्क रखते हुए पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम जागरूकता बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सहारनपुर जनपद में काॅन्टैक्ट टेªसिंग बढ़ाने, पाॅजिटिविटी तथा सी0एफ0आर0 रेट कम करने के निर्देश देते हुए कहा कि रणनीति बनाते हुए टीम के माध्यम से कार्यों को सम्पादित किया जाए। जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने आई0सी0सी0सी0 को सुदृढ़ करने तथा प्राइवेट अस्पताल से संवाद बनाकर उपचार की व्यवस्था प्रभावी बनाए जाने के निर्देश दिए। 

 जनपद लखनऊ के नोडल अधिकारी ने लखनऊ में कोविड-19 की स्थिति के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए बताया कि काॅन्टैक्ट टेªसिंग को बढ़ाया गया है। होम आइसोलेशन के केसेज कम हुए हैं। उन्होंने कहा कि पाॅजिटिविटी दर 1 प्रतिशत से कम करने के उद््देश्य से प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। जिन क्षेत्रों में ज्यादा मामले आ रहे हंै, वहां ए0डी0एम0 स्तर के अधिकारियों को इस सम्बन्ध में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। सर्विलांस टीम को जवाबदेह बनाया जा रहा है।

 जनपद वाराणसी के नोडल अधिकारी द्वारा जनपद के विषय में फीडबैक देते हुए कोविड पर नियंत्रण के लिए अपनायी गई रणनीति के सम्बन्ध में जानकारी दी गई। इसी प्रकार, जनपद गोरखपुर, मेरठ, झांसी, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बरेली, अलीगढ़, लखीमपुर खीरी, कानपुर नगर आदि के नोडल अधिकारियों ने भी अपने-अपने जनपदों में कोविड की स्थिति एवं रणनीति के सम्बन्ध में जानकारी दी। 

 अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कोविड-19 के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि विगत कुछ दिनों में प्रदेश में केसेज़ की संख्या कम हुई है। उन्होंने बताया कि दिनांक 17 सितम्बर, 2020 को सक्रिय कोविड मरीजों की संख्या 68,235 थी, जो वर्तमान में घटकर 55,603 हो गई है। केसेज की संख्या न बढ़े, इस सम्बन्ध में विशेष ध्यान देने और सतर्कता बरतने की जरूरत है। यह भी देखना है कि ग्रामीण इलाकों में मामले न बढ़ने पाएं। जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर एवं आगरा द्वारा अपने-अपने जनपदों में कोविड-19 की स्थिति, बचाव एवं उपचार की रणनीति के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण किया गया।

 इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, पुलिस महानिदेशक हितेश सी0 अवस्थी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डाॅ0 रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव पंचायती राज एवं ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।