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कन्नौज में भाजपा सांसद ने तहसीलदार को घर में घुस कर पीटा, सांसद ने कहा झूठा है आरोप
April 7, 2020 • राहुल यादव

मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ।कन्नौज सदर के तहसीलदार अरविंद कुमार ने कहा है कि मंगलवार को स्थानीय सांसद सुब्रत पाठक ने अपने 30-35 समर्थकों के साथ हमारे सरकारी आवास में घुस कर बुरी तरह पीटा। इसके पहले उन्होंने हमारे मोबाइल पर फोन करके हमको गाली दिया, हमसे पूंछा कि परसों हमने एक सूची दिया था उन लोगों को राशन नहीं मिला। हमने कहा कि मैंने नायाब साहब को सूची दे दिया है बंट गया होगा जिनको नहीं मिला होगा उन्हें भी बंट जायेग। हमने अपने उच्य अधिकारियों को इसकी सूचना दिया। एसडीएम सदर ने पूछा कि आप कहां हैं मैंने कहा कि कार्यालय में, उन्होंने कहा कि वहां से कहीं और चले जाइये। मैं अपने घर चला गया। थोड़ी देर में सांसद महोदय कुछ लोगों के साथ मेरे आवास पर आ घमके। मेरा दरवाजा पीटने लगे, मुझे लगा कि ये लोग कहीं घर मे गुस कर मेरी पत्नी और बच्चों को न पीट दें तो मैं बाहर आ गया।बाहर मेरी कुर्सी पर सांसद महोदय बैठे थे। वह व उनके साथ के लोगों ने मुझे बहुत बुरी तरिके से पीटा। इस घटना से कन्नौज में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित थाने की फोर्स मौके पर पहुंची। थोड़ी देर में डीएम-एसपी भी पहुंच गये। पुलिस के पहुंचने के बाद आरोपी दो बाइक छोड़कर मौके से भाग निकले। तहसीलदार को मेडिकल परीक्षण के लिये जिला अस्पताल ले जाया गया है। खबर लिखे जाने तक डीएम, एसपी, एडीएम, सदर एसडीएम समेत भारी पुलिस बल सदर तहसील पहुंच गया है। इस संदर्भ में जब कन्नौज के सांसद सुब्रत पाठक से दोपहर का सामना ने बात करना चाहा तो उनका मोबाइल उठाने वाले व्यक्ति ने कहा कि अभी कुछ लोगों से बात कर रहे हैं। घटना के संदर्भ में वक्त व्यक्ति ने कहा कि तहसीलदार का आरोप झूँठा है। लॉक डाउन के कारण गरीबों को भोजन आदि की बहुत परेशानी हो रही थी। तो सांसद ने तहसीलदार को कुछ अति गरीब लोगों की सूची उपलब्ध कराई थी कि उन्हें राशन दे दिया जाय, लेकिन यह लोग टालते रहे, इनके लोग इस विषम परिस्थिति में भी गरीबों से घूस मांग रहे थे। वह लोग अतिनिर्धन हैं।वह इनके रैकेट को घूस नहीं दे पाये तो उन्हें राशन नहीं मिला। सांसद उनसे केवल कारण जानना चाह रहे थे कि गरीबों को राशन क्यों नहीं दिया। तहसीलदार ने सांसद को इसका न कोई उत्तर दिया और न ही यह बता रहे थे कि कब तक राशन देंगे। खाली टाल मटोल कर रहे हैं।