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पूर्व मध्य रेल तेजी से बना रहा है पीपीई किट
April 17, 2020 • राहुल यादव

हाजीपुर :  कोविड - 19 महामारी को देखते हुए पूर्व मध्य रेल द्वारा प्रतिदिन औसतन 200 पीपीई पोशाक का निर्माण किया जा रहा है । कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन की अवधि को 03 मई तक बढ़ा दिया गया है । ऐसे में लोगों को व्यापक स्वास्थ्य हित को देखते हुए लॉकडाउन के दौरान पैंसेजर ट्रेनों का परिचालन तो बंद है । कोचों को क्वारंटाइन व आइसोलेशन के रूप बदला गया है तो अब पूर्व मध्य रेलवे ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए बड़ी पहल की है । इसके लिए पूर्व मध्य रेल द्वारा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तेजी से पीपीई किट बनाए जा रहे हैं । हाल ही में जगाधरी में प्रथम बार पीपीई तैयार किया गया था जिसे डीआरडीओ ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी थी । तत्पश्चात भारतीय रेल के अन्य कारखानों को भी इसके निर्माण की जिम्मेवारी दी गयी है । इसी कड़ी में पूर्व मध्य रेल द्वारा पीपीई किट का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है । दानापुर मंडल में प्रतिदिन लगभग 200 पीपीई किट तैयार किए जा रहे हैं । अब तक कुल 750 पीपीई किट तैयार किए जा चुके हैं । पूर्व मध्य रेल  31 मई , 2020 तक कुल 30 हजार पीपपीई किट तैयार कर लेगा। इन पीपीई किट को रेलवे के डॉक्टर , नर्स , पैरा मेडिकल स्टाफ को उपलब्ध कराए जा रहे हैं । पूर्व मध्य रेल द्वारा किट का निर्माण बाजार में उपलब्ध पीपीई किट की कीमत की तुलना में आधी कीमत पर बनाए जा रहे हैं । वर्तमान में प्रत्येक पीपीई किट के निर्माण पर लगभग 700 रूपए की लागत आती है जबकि अनौपचारिक आंकड़ों के अनुसार बाजार में इसकी कीमत लगभग दुगुनी है । पीपई किट यानी पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट नाम से ही स्पष्ट है कि ऐसे सामान जिसमें संक्रमण से बचाव करते हुए मरीज की चिकित्सा में मदद मिले । कोरोना वायरस चूंकि संक्रामक बिमारी है इसलिए इससे बचने के लिए लोग मास्क पहन रहे है , बार - बार साबुन से हाथ धो रहे हैं , एक - दूसरे से दूरी बनाए रखे हुए हैं । लेकिन कोरोना मरीजों के इलाज में लगे डॉक्टर , नर्स , पैरा मेडिकल स्टाफ आदि को सिर से पांव तक वायरस संक्रमण से बचाव के लिए कई तरह की चीजें पहननी होती हैं जिसे पीपीई किट कहते हैं । आम तौर पर पीपई किट में मास्क , ग्लाब्स , गाउन , एप्रन , फेस प्रोटेक्टर , फेस शील्ड , स्पेशल हेलमेट , पेस्पिरेटर्स , आई प्रेटेक्टर , गोगल्स , हेड कवर , शू कवर आदि आ सकते हैं । इतने कम समय में पीपीई पोशाक तैयार करना पूर्व मध्य रेल के लिए सचमूच एक उल्लेखनीय उपलब्धि है ।