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प्रबंध निदेशक ने नवाचार महोत्सव का किया उद्घाटन
January 29, 2020 • राहुल यादव
 
लखनऊ :  
आंचलिक विज्ञान नगरी , लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय ( 29 से 31 जानवरी , 2020 ) नवाचार महोत्सव का उदघाटन बुधवार को उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक  कुमार केशव द्वारा किया गया । इस अवसर पर इस्ट्रैक लखनऊ के प्रबंधक  आसिफ सिदिदकी . बी0बी0डी0 इंजीनियरिंग कालेज के निदेशक  भावेश कुमार चौहान , सीएसआईआर - सीमैप के पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक डा0 आनन्द अखिला के साथ ही बड़ी संख्या में विद्यार्थी , शिक्षक एवं आम दर्शक मौजूद थे । महोत्सव के मुख्य अतिथि कुमार केशव ने महोत्सव में प्रदर्शित लगभग 115 प्रकल्पों को बारीकी से देखा तथा लगभग प्रत्येक प्रोजेक्ट के बारे में प्रतिभागियों से जानकारी साझी की व उन पर अपने सुझाव भी व्यक्त किये । कुछ प्रोजेक्ट जैसे कैटरक्लीनर , मोबाइल चार्जिंग जैकेट , हाइड्रोलिक चेयर , स्मार्ट डस्टबीन , बैंक सेक्योरिटी सिस्टम , नाईट्रोजन फिक्सर , आटोमैटिक ड्रिप अलार्म इत्यादि नये विचारों से युक्त प्रोजेक्टों की उन्होनें सराहना की । इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री कमार केशव ने अपने सम्बोधन में विद्यार्थियों तथा अध्यापकों को नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित किया । उन्होंने कहा कि व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा के लिए आपका दक्षता के साथ अध्ययन करना अत्यंत आवश्यक है ताकि आज की नई - नई चुनौतियों से निपटने हेतु तरीको को समझने में आसानी होगी । इस अवसर पर आयोजित लोकप्रिय विज्ञान व्याख्यान के अंतर्गत कुमार केशव ने अत्यंत सरल शब्दों में मेट्रो की आवश्यकता को समझाते हुए बताया कि शहरों में रहने वाली 32 करोड़ जनसंख्या हमारी जीडीपी में 60 प्रतिशत का योगदान देती है । शहर के इन लोगों को बेहतर और सुरक्षित जीवन शैली उपलब्ध कराने में मेट्रो अहम है क्योंकि रोड पर यातायात के लिए बसें पर्याप्त नहीं हैं तथा दो पहिया एवं चौपहिया वाहनों की बढ़ती संख्या वायु प्रदूषण बढ़ा रही है जिसके लिए अपने भारत वर्ष में 500 किमों का मेट्रो रूट तैयार किया गया है जिसमें 300 किमी . रूट केवल दिल्ली में है । इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश में कानपुर , आगरा में मेट्रो परियोजनायें प्रारमभ होनी हैं । उन्होंने मेट्रो के लाभ समझाते हुए बताया कि मेट्रो का सफर आरामदायक एवं सरुक्षित होने के साथ - साथ किफायती भी है क्योंकि कार की तुलना में बीस गुणा सस्ती है एवं अन्य यातायात के साधनों से 5 गुणा सस्ती पड़ती है । चूंकि लखनऊ मेट्रो एक घंटे में 40 हजार यात्रियों को अपने गंतव्य स्थान तक पहुँचा सकती है इसलिए यह शहर के जाम एवं भीड़ - भीड़ से निजात दिलाने में अत्यंत सहायक है ।