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प्रवासी पैदल न आवें, सबको लायेंगे- योगी आदित्यनाथ
May 8, 2020 • राहुल यादव

  • अगले 24 घंटे में दूसरे प्रदेशों से उप्र के श्रमिकों को लेकर आएंगीं 79 ट्रेनें-अवनीश अवस्थी
  • 56 ट्रेनों से आ चुके हैं 70 हजार श्रमिक एवं कामगार


कोरोना की नियमित ब्रीफिंग में आये उत्तर प्रदेश के अपरमुख्य सचिवगृह एवं सूचना अवनीश अवस्थी ने बताया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार अपने प्रदेश के हर श्रमिक एवं कामगार को सुरक्षित उनके घर तक लाएगी। यह प्रक्रिया मार्च के अंतिम हफ्ते से ही जारी है। जरूरत के अनुसार हम इसके लिए ट्रेन और बसों की मदद ले रहे हैं। अलग-प्रदेशों (महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, कर्नाटक, केरल और तेलंगाना आदि) से प्रदेश के श्रमिकों को लेकर चलीं 79 ट्रेनें रास्ते में हैं। शनिवार तक ये अपने-अपने गंतव्य तक पहुंच जाएंगी। 56 ट्रेनों से अब तक गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, आंध्र प्रदेश और केरल आदि राज्यों से करीब 70 हजार श्रमिकों की वापसी हो चुकी है। ट्रेनों के अलावा उप्र परिवहन निगम की करीब 10 हजार बसें भी आने वालों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचा रही हैं। शुक्रवार को हरियाणा से 30000 श्रमिक अपने प्रदेश में पहुंचेगें।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपील की कि खुद के स्वास्थ्य और सुरक्षा के नाते कोई भी श्रमिक पैदल, सायकिल या दो पहिया से अपने घर के लिए न निकले। ये सारी व्यवस्था उसके लिए ही की गई है। धैर्य रखें सरकार उन तक जल्दी ही पहुंचेगी।मुख्यमंत्री ने कहा आने वाले हर प्रवासी के स्वास्थ्य की जांच उस जिले के क्वारंटीन सेंटर पर अनिवार्य रूप से हो रही है। स्वस्थ्य लोगों को उनके घर इस हिदायत के साथ भेजा जा रहा है कि वह घर पर होम क्वारंटाइन के मानकों का अनुपालन करेंगे। संदिग्ध को पूरी जांच के लिए सेंटर में ही आइसोलेट कर दिया जा रहा है। घर जाने वाले हर श्रमिक को अनिवार्य रूप से भरण-पोषण के लिए एक हजार रुपये और तय मात्रा में खाद्यान्न भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे लॉक डाउन के दौरान भी औद्योगिक इकाई के मालिकों से कह कर श्रमिकों को वेतन या मानदेय दिलाना सुनिश्चित कराएं। अब करीब 55 हजार इकाईयां  श्रमिकों को वेतन एवं मानदेय के रूप में 633.44 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी हैं। इस प्रक्रिया को संबंधित विभाग और तेज करते हुए हर प्रभावित श्रमिक को मानदेय या वेतन दिलाएं।